तू जिगरी दोस्त, मेरा सबसे बड़ा ग़ुलाबी है।
जिगरी दोस्त हूँ, सच्ची यारी से सजता हूँ,
न चाहत, न मोहब्बत, बस तेरी दोस्ती चाहिए,
दोस्ती शायरी केवल अल्फ़ाज़ नहीं होती, बल्कि यादों, भरोसे और साथ निभाने के वादों की झलक होती है। जब शब्द कम पड़ जाएँ, तब यही शायरी दिल की बात कह देती है। चाहे पुराने दोस्त हों या नए, दोस्ती शायरी रिश्तों को और मजबूत बनाती है। इसलिए, इन पंक्तियों को महसूस करें और अपनी दोस्ती को शब्दों के ज़रिये खास बनाएं।
दोस्ती के लिए आप सच्चे एहसास, पुरानी यादें, साथ बिताए पल और दिल से निकली बातों को सरल शब्दों में लिख सकते हैं।
तेरी दोस्ती में हम किसी से लड़ते नहीं।
जिगरी दोस्त, तू ही मेरी जिंदगी का सुकून है।
लोग कहते हैं ज़मीं पर किसी को खुदा नहीं मिलता,
पर जो इसे समझ जाते हैं, उनका जीवन रोशन होता है।
यह तो वो रिश्ता है जो दिल से दिल तक चलता है।
ये तो वो एहसास है जो हर रिश्ता निभा जाता है।
वो तो वही है जो दूर होकर भी Dosti Shayari दिल के पास हो।
मुझे पागलों से दोस्ती करना पसंद है साहब,
सच्ची दोस्ती वो होती है, जो दिल से निभाई जाती है,